गुरुवार, 7 जनवरी 2021

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों की विज्ञप्ति निरस्त

 जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास दतिया श्री अरिवन्द उपाध्याय ने बताया कि एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों की विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञप्ति प्रशासनिक एवं अपरिहार्य कारणों से निरस्त की गई है।

अनुसूचित जाति जनजाति अत्यचार निवारण अधिनियम के तहत् 298 पीड़ितों को 1 करोड़ 48 लाख से अधिक की राहत राशि स्वीकृत

 अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार) निवारण अधिनियम के तहत् जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक कलेक्टर श्री संजय कुमार की अध्यक्षत में न्यू कलेक्ट्रेट में आज सम्पन्न हुई। बैठक में अप्रैल 2020 से दिसम्बर 2020 तक की अवधि में अधिनियमों का क्रियान्वयन (अधिनियमों के उपबंधों का क्रियान्यन) पीड़ित व्यक्तियों को दी गई राहत राशि, उनके पुर्नवास से संबंधित मामले अधिनियम के अधीन मामलों का अभियोजन, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1995 पर चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रतिवेदनों पर पुर्नविलोकन भी किया गया।
    बैठक में विशेष लोक अभियोजक श्री देवेन्द्र पम्बानी, जिला अभियोजन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र कुमार गर्ग, जिला संयोजक श्री हीरेन्द्र सिंह कुशवहा, डीएसपी अजाक्स दिव्या सिंह राजावत, श्री भगवत साहू सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।
    बैठक मे बताया गया कि 232 प्राप्त प्रकरणों में स्वीकृत 214 प्रकरणों के 298 पीड़ितों 1 करोड़ 48 लाख 25 हजार की सहायता राशि स्वीकृत की गई। बैठक में बताया गया कि पुर्नवास तथा उससे संबंधित तीन प्रकरणों में 16 लाख 50 हाजर की स्वीकृत राशि में से 12 लाख 32 हजार की राशि का वितरण किया जा चुका है।
    बैठक में बताया गया कि माह दिसम्बर 2020 के अंत में अनुसूचित जाति के 365, जनजाति के 9 प्रकरण विशेष न्यायालय में विचाराधीन है। कोरोना संक्रमण के कारण सजा/वरी के प्रकरण निरंक है। इस अवधि के दौरान जिले के विभिन्न थानों में कुल 120 प्रकरण दर्ज किए गए। जिमसें से 114 प्रकरणों में न्यालय में चालान प्रस्तुति की की कार्यवाही की गई है।

दतिया नगर में यातायात को नियंत्रित करने हेतु तीन स्थानों पर लगेंगे ट्रफिक सिगनल सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ निर्णय

दतिया नगर में यातायात को नियंत्रित करने हेतु तीन स्थानों पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत् ट्राफिक सिगनल (लाल बत्ती) लगाई जायेगी। उक्ताश्य की जानकारी कलेक्टर श्री संजय कुमार की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियमों का पालन कराये जाने हेतु आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दी गई। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती स्वाति पाठक सहित संबंधित अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
    कलेक्टर श्री कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे स्थान एवं मोड़ चिन्हित किए जाए जहां वार-वार दुर्घटनाएं होती है उन स्थानों पर वाहन दुर्घटना रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाए, शाईन बोर्ड लगाए जाए जिससे सड़क दुर्घटना को रोका जा सके। कलेक्टर ने कहा कि दुकानदारों द्वारा भी अपनी दुकान के सामने सामग्री खुली रखने के कारण दुर्घटना बढ़ती है इन्हें भी रोका जाए। उन्होंने कहा कि नगर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में नो व्हीकल जोन विकसित करने हेतु जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिाकरी, यातायात प्रभारी, दुकादार एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर कार्यवाही करें।
    बैठक में बताया गया कि ट्रफिक सिगनल, बम-बम महादेव, झांसी तिराहा (चुंगी) तिराहे पर लगाए जाने एवं माँ पीताम्बरा मंदिर मुख्य मार्ग पर छोटे-छोटे स्टोपर लगाने पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की प्रतिमाह बैठक आयोजित की जायेगी। जिसमें पूर्व बैठक में किए गए कार्यो की समीक्षा की जायेगी। 

मंगलवार, 5 जनवरी 2021

कलेक्टर ने जन सुनवाई में पूरी संवेदनशीलता के सुनीं 84 आवेदकों की समस्यायें

 राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जन सामान्य की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रति मंगलवार को आयोजित होने वाली जन सुनवाई कार्यक्रम आज से पुनः कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग के साथ शुरू किया गया। कलेक्टर श्री संजय कुमार ने अधिकारियों के साथ आज मंगलवार को  न्यू कलेक्ट्रेट दतिया के प्रांगण में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से आए 84 आवेदकों के आवेदन पत्रों को पूरी गंभीरता एवं संवेनशीलता के साथ सुनां और निराकरण के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के तहत् दतिया भदेवरा निवासी श्री अरविन्द अहिरवार के परिवार को दो लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई। 

इस दौरान कलेक्टर ने तमां के दिव्यांग श्री बलवीर अहिरवार को विकलांग प्रमाण-पत्र बनाने के स्वास्थ्य विभाग के उपस्थित चिकित्सकों को निर्देश दिए। कलेक्टर ने आए आवेदकों की समस्याओं को सुनते हुए आवेदकों को आपसी समझाईश भी दी। उन्होंने इस दौरान उनके गांव में संचालित शासन की योजनाओं के लाभ के संबंध में भी जानकारी ली। जन सुनवाई में आए श्री सीताराम अहिरवार को विकलांग पेंशन स्वीकृति के निर्देश दिए।

    कलेक्टर श्री कुमार ने जिला नाजिर को निर्देश दिए कि जन सुनवाई के दौरान बाहर से आने वाले आवेदकों के बैठने हेतु समुचित कुर्सियों की व्यवसथा सुनिश्चित करें।  




सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को रणनीति बनाकर निराकरण की कार्यवाही करें

कलेक्टर श्री संजय कुमार ने समय सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा सीएम हैल्प लाईन एवं समय-सीमा के पत्रों के निराकरण में जिस प्रकार की रूचि दिखाई गई है। उसी प्रकार आगे भी इन प्रकरणों में रणनीति तैयार कर एल 1 स्तर पर ही निराकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
    कलेक्टर श्री संजय कुमार ने उक्त आश्य के निर्देश मंगलवार को न्यू कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में समय सीमा के पत्रों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर सहित जिला अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। कलेक्टर ने विभागवार समय-सीमा के पत्रों एवं सीएम हैल्प लाईन के प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हैल्प लाईन के प्रकरणों में अधिकारी स्वयं परीक्षण कर अपने स्तर पर निराकरण की कार्यवाही करें। इनके निराकरण हेतु अपने अधीनस्थ अमले पर न छोड़े। उन्होंने कहा कि ऐसी रणनीति बनाई जाए जिससे सीएम हैल्प लाईन के प्रकरण एल 1 स्तर पर संतुष्टि पूर्ण निराकरण की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जो उनके स्तर के नहीं उन्हें तत्काल संबंधित विभाग एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाए।

अंतिम पांत अभियान की सफलाता को देखते हुए आज से द्धितीय चरण शुरू

    कलेक्टर श्री कुमार ने कहा कि सहकारिता के ऐसे लंबित प्रकरण जिनमें राशि वसूली की कार्यवाही की जानी है। उन प्रकरणों में सहकारिता विभाग राजस्व विभाग के सहयोग से आरआरसी जारी कर संबंधित व्यक्ति की सम्पति कुर्की की कार्यवाही भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बताया कि जिले में शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने हेतु शुरू किए गए अंतिम पांत अभियान के बेहतर परिणाम प्राप्त हुए है। जिसके देखते हुए अधिकारियों को दूसरे चरण के रूप में 5 जनवरी से गांव आवंटित किए है। अतः सभी अधिकारी जिन्हें गांव आवंटित किए गए है वह उक्त गांव के अति गरीब परिवारों के घर पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत प्राप्त करें।    

राजस्व बढ़ाने में गति लाए

    कलेक्टर ने आबकारी, खनिज, राजस्व, जल संसाधन, वाणिज्य कर आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व बढ़ाने के कार्य में भी तेजी लाए। 

जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक 6 जनवरी को

 अनुसूचित जाति /जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम 1995 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति का आयोजन 6 जनवरी 2021 को कलेक्टर श्री संजय कुमार की अध्यक्षता में न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय दतिया के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से किया जायेगा।

स्नातक प्रथम वर्ष/स्नातकोत्तर प्रथम/तृतीय सेमेस्टर परीक्षा आवेदनपत्र तथा नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ

स्थानीय शासकीय स्वशासी पी.जी.महाविद्यालय दतिया में बी.एससी./बी.कॉम.प्रथम वर्ष तथा एम.ए./एम.कॉम.एम.एससी.प्रथम/तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा आवेदनपत्र भरने का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है जिसके अनुसार 06 जनवरी 2021 से 16 जनवरी 2021 तक (बगैर विलम्ब शुल्क) एस.बी.आई.कलेक्ट के माध्यम से परीक्षा शुल्क जमा करें व परीक्षा फॉर्म महाविद्यालय की वेबसाईट www.govtpgcdatia.ac.in से डाउनलॉड करें। शुल्क रसीद व आवश्यक दस्तावेजों सहित ट्यूटरों/विभागाध्यक्षों के पास समय-सीमा (27 जनवरी 2021 अथवा उससे पूर्व) में जमा किये जा सकते हैं।

    परीक्षा फॉर्म जमा करने के पूर्व जीवाजी विश्वविद्यालय से नामांकन पंजीयन अथवा स्नातकोत्तर प्रथम सेमे0 के छात्रों को रिनुअल करना आवश्यक है अन्यथा उसका परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जायेगा।
    इसके अतिरिक्त ऑनलाइन शेष प्रवेश शुल्क की रसीद भी प्रस्तुत करना आवश्यक है जो कि दिनांक 04 जनवरी .2021 से ऑनलाइन एस.बी.आई.कलेक्ट के माध्यम से प्रारंभ हो गई है।
    बी.ए./बी.एससी./बी.कॉम.प्रथम/द्वितीय/तृतीय/चतुर्थ/पंचम/षष्ठम सेमेस्टर विशेष एटीकेटी अंतिम अवसर के परीक्षा फॉर्म भरने का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है।
    नामांकन प्रक्रिया/परीक्षा शुल्क/प्रवेश शुल्क/विशेष एटीकेटी (स्नातक सेमेस्टर परीक्षा) परीक्षा इत्यादि से संबंधित विस्तृत जानकारी महाविद्यालय के सूचना पटलों/पूँछताछ कक्ष अथवा महाविद्यालय की बेवसाइट पर डाउनलॉड ऑप्सन पर देखी जा सकती है। उक्ताशय की जानकारी महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ.आर.पी.गुप्ता द्वारा दी गई।
 

जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन 13 जनवरी को

 जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन जिला रोजगार कार्यालय दतिया द्वारा 13 जनवरी 2021 को सुबह 11 बजे से जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) दतिया में किया जा रहा है। रोजगार मेले में लगभग 20-25 कंपनियों के भाग लेने की संभावना है।

    रोजगार कार्यालय के पी.पी.पी. पार्टनर यशस्वी एकेडमी फॉर टेलेन्ट मैनेजमंट द्वारा विभिन्न कंपनियों को बुलाने की सहमति दी गई है। जिसमें प्रबंधक एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ग्वालियर, प्रबंधक (भर्ती अधिकारी) नव भारत फर्टीलाइजर लि. भगत सिंह मार्केट भोपाल म.प्र., प्रंबधक, डेक्कन टेक्नोसेक्विटी एण्ड यूटिलिटी सर्विसेस प्रा.लि. इन्दौर, प्रबंधक ईगल सिक्यूरिटी सर्विस शिवपुरी, शाख प्रबंधक स्टार हैल्थ इंश्योरेंस क. ग्वालियर, प्रंबधक एलआईसी दतिया के नाम शामिल है। आवेदक अपने साथ योग्यता का मूल प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साईज फोटो साथ में लाना है।

मेडीकल कॉलेज दतिया में पब्लिक रिलेशन सेल का गठन

 मध्यप्रदेश शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा म.प्र. भोपाल के निर्देश के परिपालन में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया एवं संबद्ध अस्पताल से संबंधित शासन, संस्थान एवं मरीज हित में शासन की चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी मीडिया तक पहंुचाने हेतु, जनसम्पर्क विभाग दतिया को समय-समय पर अवगत करनाने हेतु पब्लिक रिलेशन सेल का गठन किया गया है।

    गठित पब्लिक रिलेशन सेल में प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष शिशु एवं बाल रोग विभाग डॉ. राजेश गुप्ता मो.नं. 9827576176 मुख्य पीआरओ, सह-प्रध्यापक कम्युनिटी मेडिसिन विभाग डॉ. पी अधिकारी मो.नं. 6264968145 सहायक पीअरओ और एलडीसी शा.चि.म. दतिया के लिपिक श्री आकाश भदौरिया जिनका मो.नं. 8823012728 रहेगा।
 

पैरा-मेडिकल शिक्षण कार्य के लिये पुनः कक्षाएँ शुरू करने के निर्देश

 चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश में सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रमों का संचालन करने वाली संस्थाओं के लिये पैरा-मेडिकल पाठ्यक्रम के व्यावहारिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण के मद्देनजर पैरा-मेडिकल शिक्षण कार्य पुनरू शुरू करने के निर्देश दिये। पैरा-मेडिकल शिक्षा में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश-सह-चिकित्सीय परिषद द्वारा नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने को भी कहा। श्री सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्यप्रदेश-सह-चिकित्सीय परिषद की 23वीं साधारण सभा की बैठक हुई।

    मंत्री श्री सारंग के निर्देश के परिपालन में परिषद कार्यालय द्वारा विभिन्न नये स्नातकोत्तर, स्नातक एवं डिप्लोमा पैरा-मेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रशासकीय अनुमोदन किया गया है। इसमें M-P-T- in Geriatrice, M-O-T- in Pediatrics, Diploma in PFt Technician और Bachelor in Respiratory Therapist पाठ्यक्रमों का परिषद स्तर से संचालन किया जायेगा। इसके अलावा एक वर्षीय पाठ्यक्रमों का संचालन करने के लिये निर्देशित किया गया।
   प्रदेश में निवासरतों की सुविधा एवं सुलभता को देखते हुए मध्यप्रदेश के मूल निवासी, जो कि पैरा-मेडिकल शिक्षा प्राप्त किये जाने के लिये अन्य प्रदेशों में अध्ययनरत हैं, ऐसे छात्रों का मध्यप्रदेश पैरा-मेडिकल कौंसिल में पंजीयन करने के लिये प्रक्रिया को और अधिक सरलता प्रदान करने के दृष्टिकोण से मंत्री श्री सारंग ने छात्रों का पंजीयन उनके द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों का प्रथमतरू सत्यापन/पुष्टि के बाद करने के निर्देश दिये, जिससे कि पैरा-मेडिकल कर्मियों को प्रदेश में ही रोजगार मिल सके।
   मंत्री श्री सारंग द्वारा निर्देश दिया गया है कि परिषद कार्यालय के उपयोगार्थ मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल संभाग क्रमांक-3, बागमुगालिया भोपाल का पीएसपी भूखण्ड क्रमांक-2, एमराल्ड पार्क सिटी के पास बागसेवनिया, जिसका क्षेत्रफल 2871.30 वर्ग मीटर भोपाल पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित मध्यप्रदेश सह-चिकित्सीय परिषद, मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिंल, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद के एक भव्य भवन का निर्माण करवाया जाये। उक्त निर्माण कार्य करवाने के लिये सभी औपचारिकताएँ अतिशीघ्र पूरी की जायें।
   श्री सारंग ने प्रदेश के निजी क्षेत्र में स्थापित पैरा-मेडिकल संस्थाओं के भौतिक निरीक्षण के लिये एक उच्च-स्तरीय निरीक्षणकर्ताओं का पैनल तैयार करने के लिये निर्देशित किया। इसमें सेवानिवृत्त अधिकारी, जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारी एवं संस्था में संचालित विषयों के संबंधित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विषय-विशेषज्ञ शामिल किये जायें। संस्था के निरीक्षण के लिये एक ऑनलाइन प्रोग्राम विकसित कर उक्त टीम अनुसार आकस्मिक चयन कर निरीक्षण समिति गठित कर संस्था का निरीक्षण करवाया जाये।
    बैठक में आयुक्त श्री निशांत वरवड़े, संचालक डॉ. उल्का श्रीवास्तव और सदस्य सचिव डॉ. पूजा शुक्ला उपस्थित थीं।

सरकारी धन के गबन के मुलजिमों को बचाने में 20 साल तक लगी रही मुरैना पुलिस, हाई कोर्ट ने कराई थी एफ आई आर , केस डायरी कोर्ट से चुराकर गायब की , सबूत फाड़ फाड़ कर फेंके , कानूनऔर कोर्ट की ऑंखों में झोंकी धूल

     मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन  मुरैना 15 सितंबर ( ग्वालियर टाइम्स ) लगातार 20 साल तक कोर्ट और कानून की ऑंखों में धूल झोंक कर भारी भरकम रिश्...