शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

महिला एवं बाल विकास विभाग दतिया द्वारा ली गई नशा मुक्त दतिया की शपथ एवं संकल्प

 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिल्ली एवं सामाजिक न्याय विभाग भोपाल द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्त भारत नशा मुक्त दतिया अभियान 15 अगस्त से प्रारंभ होकर चल रहा है। जिले में  कलेक्टर श्री संजय कुामर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर के मार्गदर्शन में महिला बाल विकास अधिकारारी श्री अरविन्द उपाध्याय की अध्यक्षता में आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायकाओं के साथ नशा मुक्त भारत नशा मुक्त दतिया की शपथ कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए विनोद मिश्रा प्रमुख कलाकार सामाजिक न्याय द्वारा दिलाई गई।
   शपथ समारोह में नरेन्द्र दुबे समग्र संयोजक सामाजिक न्याय एवं विजय पण्डोरिया सीडीपीओ, प्रीती ठाकुर पर्यवेक्ष्क, शिखा चौहान, संकुतला, दीप्ती, कुशमा, बब्ली, शीला, निर्मला आदि उपस्थित रही।   

मंत्री डॉ. भदौरिया आज लोक सेवा प्रबंधन विभाग की समीक्षा करेंगे

 सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविन्द सिंह भदौरिया 11 दिसम्बर को प्रात: 11 बजे से मंत्रालय स्थित कक्ष में लोक सेवा प्रबंधन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।

बैठक में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमेप में विभाग हेतु निर्धारित कार्य एवं कार्यवाही, विभाग द्वारा विगत 6 माह में किये गये महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा विभाग की आगामी  दिनों की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। मंत्री डॉ. भदौरिया वर्ल्ड बैंक परियोजना एवं विभाग अन्तर्गत संचालित परियोजना/योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे।

गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

अद्भुत और विलक्षण आइना है ग्वालियर में , खुद को इसमें देंखेंगें तो राजपूत महाराजा महारानी बने दिखेंगें , सादा कपड़े पहनकर आईये, स्वयं को राजसी परिधानों में निहारिये

ग्वालियर स्मार्ट सिटी के डिजीटल म्यूजियम में आकर्षण का केन्द्र बना डिजीटल आईना 

ग्वालियर की पहचान पुरातत्व महत्व की इमारतों के साथ-साथ शास्त्रीय संगीत में पूरे विश्व में है। ग्वालियर के पुरातत्व को देखने एवं विश्व विख्यात संगीत समारोह तानसेन को सुनने देश-विदेश के पर्यटक ग्वालियर आते हैं। ग्वालियर की विरासत को संकलित कर डिजिटलाइज्ड करने का कार्य स्मार्ट सिटी ग्वालियर ने किया है। ग्वालियर में प्रारंभ किए गए डिजिटल म्यूजियम में सैलानी इसका भरपूर उठा रहे हैं। म्यूजियम का डिजिटल आईना जन आकर्षण का केन्द्र भी बना है। साधारण कपड़ों को पहनकर आने वाला व्यक्ति भी डिजिटल आईने में अपने आप को राजसी लिवास में देखकर भाव विभोर हो जाता है।
   ग्वालियर स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन द्वारा गोरखी स्थित स्काउट एण्ड गाइड परिसर में नवनिर्मित डिजीटल म्यूजियम को सैलानी काफी पसंद कर रहे हैं। इस डिजीटल म्यूजियम में 16 गैलरियों के माध्यम से ग्वालियर चम्बल सहित मध्य प्रदेश की पुरानी ऐतिहासिक विरासत और विभिन्न विधाओं को डिजीटल माध्यम से दर्शाया गया है। इस संग्रहालय में खास तरह के डिजीटल संसाधनों का भी प्रयोग किया गया है। जिनके द्वारा सैलानी विभिन्न जानकारियों को जान पा रहे है। इन अत्याधुनिक संसाधनों में से डिजीटल आईना सैलानियों की पहली पसंद बना हुआ है। इस डिजीटल आईने की खास बात यह है कि डिजीटल आईने के सामने सैलानी खडे होकर विभिन्न राजसी एवं पारम्परिक परिधानों के स्वरूपों में अपने आपको निहार सकते हैं। इस डिजीटल आईने में विभिन्न प्रकार की पारम्परिक व राजसी परिधानों को समाहित किया गया है। जिन परिधानों को सैलानी बिना पहने ही आईने में स्वयं को उस परिधान में देख सकते है।
   स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय का उदेश्य सैलानियों को डिजीटल के माध्यम से ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वास्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहित कई विधाओं को आधुनिक तरीके से डिजिटली प्रदर्शित किया गया है।
   उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि डिजीटल म्यूजियम में डिजीटल आईना भी लगाया गया है जिसके माध्यम से आप इसके सामने खडे होकर अपने को विभिन्न परिधानों में देख सकते हैं। इसकी खास बात यह है कि इस आईने में अत्याधुनिक सेंसर का प्रयोग किया गया है। जिसके द्वारा आप अपनी जगह पर खडे होकर ही अपने हाथ के मूवमेंट से परिधानों को बदल सकते हैं। यानि आप अपने हाथ को हिलाकर भी विभिन्न परिधानों को बदल सकते हैं।
   सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह ने बताया कि डिजीटल आईने की तरह ही और भी कई डिजीटल अत्याधुनिक संसाधनो का उपयोग म्यूजियम में किया जा रहा है जिनके प्रयोग से सैलानी म्यूजियम में जानकारियों को प्राप्त कर सकते हैं।

भा गया राजस्थानी परिधान

   हजीरा निवासी सुनील राजपूत ने संग्रहालय में भ्रमण करते हुए जब डिजीटल आईने को देखा तो उन्होने स्वयं को राजस्थानी परिधानों में सोचा, उनके सोचते ही उनके पहने हुए पेंट शर्ट राजस्थानी कपडों में बदल गए। यह देखकर उनके साथ आये हुए अनेक सैलानी भी आश्चर्यचकित रह गए। सुनील राजपूत ने बताया कि संग्रहालय का डिजीटल आईना और राजस्थानी परिधान उन्हे भा गया।

खुद को रानी के परिधान में देख चकित रह गई अंजली

   बिरला नगर निवासी अंजली डिजीटल म्यूजियम में घूमते हुए जब डिजीटल आईने के सामने से निकली तो अपने आपको आईने में देखने पर वह रानी के परिधान में खुद को देखकर चकित रह गई। उन्होंने संग्रहालय के बारे में डिजीटल म्यूजियम में उपस्थित कर्मचारियों से और भी जानकारियां ली।

अविनाश ने खुद को देखा राजपूताना परिधान में

    जीवाजी गंज निवासी अविनाश प्रजापति ने डिजीटल म्यूजियम में घूमते हुए जब डिजीटल आईने में खुद को राजपूताना परिधान में देखा तो वे अपने आपको फोटो लिए बिना रोक नही पाए। अविनाश के साथ में आये दोस्तों ने भी विभिन्न परिधानों में अपने फोटो लिए।  

स्कूलों में किसी भी कक्षा में जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा- मंत्री परमार

 स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में किसी भी कक्षा में जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा।  उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक कठिनाइयों के दृष्टिगत माध्यमिक शिक्षा मण्डल से संबद्ध अशासकीय विद्यालयों को मान्यता के लिये आवेदन के समय मान्यता शुल्क जमा करने की बाध्यता नहीं रहेगी। वे आगामी सत्र 2020-21 के अंत तक उक्त शुल्क जमा कर सकेंगे। 

मंत्री श्री परमार आज  सीबीएससी से संबद्ध अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में मुलाक़ात के दौरान चर्चा कर रहे थे। श्री परमार ने कहा कि शिक्षा प्रदान करना समाज के उत्थान का एक महान सेवार्थ कार्य है।  इस कोरोना संकटकाल में हम सभी को साथ मिलकर प्रदेश के बच्चो का भविष्य संवारना है।  उन्हें शिक्षा देने के साथ-साथ कोरोना से बचाना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। 

सीबीएससी से संबद्ध अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने आज मंत्री श्री परमार से भेंट की। चर्चा के दौरान अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने मंत्री श्री परमार से कोविड 19 वायरस के संक्रमण के चलते उत्पन्न परिस्थितियों में विद्यालयों के संचालन में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से बारहवीं तक के बच्चों की ट्यूशन फीस पालकों द्वारा जमा नहीं कराई जा रही है जिससे शिक्षकों के वेतन और स्कूल के संचालन में समस्या आ रही है। इसके साथ ही प्रतिनिधियों ने इस वर्ष का शैक्षणिक सत्र 15 मई 2021 तक बढ़ाने, कक्षा छठवीं और आठवीं को जनवरी 2021 तथा कक्षा पहली से पांचवी तक की कक्षाएं 15 जनवरी 2021 से संचालित करने का सुझाव दिया । उन्होंने मंत्री श्री परमार से आग्रह किया कि अप्रैल 2020 से अनलॉक पीरियड तक का इलेक्ट्रिसिटी बिल, स्कूल बस टैक्स, आरटीओ परमिट और प्रॉपर्टी टैक्स को  माफ कर दिया जाए। 

मंत्री श्री परमार ने स्पष्ट किया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन के बारे में शीघ्र ही विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। कक्षा छठवीं से आठवीं तक की कक्षाओं के बारे में निर्णय कोरोना वायरस संक्रमण की परिस्थितियों अनुरूप लिया जाएगा। इस वर्ष का शैक्षणिक सत्र बढ़ाने के संबंध में  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधियों से बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग करने की अपील की। 

बैठक में आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, संचालक लोक शिक्षण श्री के.के. द्विवेदी सहित अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

विश्व मानव अधिकार दिवस आज मनाया जायेगा , आयोग का वेब पोर्टल और आनलाइन शिकायत करने का तरीका जानें

 आज विश्व मानव अधिकार दिवस है , भारत में मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 लागू है , भारत में मानव अधिकारों पर काम कर रही दो प्रमुख सरकारी आयोग हैं , एक तो राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और दूसरी हर राज्य में राज्य सरकारों का राज्य मानव अधिकार आयोग । 

हर साल 10 दिसम्बर को मानव अधिकार दिवस समूचे विश्व भर में मनाया जाता है । भारत के राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का अधिकृत वेब पोर्टल National Human Rights Commission  है , जिस पर शिकायतें की जातींं हैं । कुछ मामलों मेंआयोग स्वत: संज्ञान भी लेता है । 

मध्यप्रदेश राज्य का राज्य मानव अधिकार का अधिकृत वेब पोर्टल    म प्र राज्य मानव अधिकार आयोग      है , जिस पर आनलाइन शिकायतें दर्ज की जातीं हैं , कुछ मामलों में आयोग स्वत: संज्ञान भी लेता है ।  

नशामुक्त भारत अभियान - जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण

 नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित 15 जिलों के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया। भोपाल के एनआईसी सेन्टर से संचालित इस वर्चुअल प्रशिक्षण में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्री प्रतीक हजेला, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. एस. डब्ल्यू. नकवी और संचालक सामाजिक न्याय श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने भी जिला स्तरीय ट्रेनर्स को मार्गदर्शन दिया।

    प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स डॉ. राहुल देशमुख ने ”बेसिक्स ऑफ ड्रग एब्यूस”, डॉ. दुर्गा त्रिपाठी ने ”साइन एण्ड सिमटम्स ऑफ ड्रग एब्यूस” श्री तरूण बाम्बा ने एक्सपिरियन्स ऑफ एडिक्शन सेंटर श्री राजीव तिवारी, (एडिक्शन कॉउन्सलर) द्वारा ”एक्सपिरियन्स ऑफ रनिंग डीएडिक्शन सेंटर” तथा श्री गीतेश गर्ग एडिशनल एस.पी. नारकोटिक्स विंग इंदौर द्वारा ”ड्रग अवेयरनेस प्रोग्राम” विषयक विस्तृत जानकारी दी गई। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विकासखंड, स्कूल, कॉलेज, ग्रामीण क्षेत्र आदि विभिन्न स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिये रणनीति भी तैयार की गई। ऑनलाइन प्रशिक्षण के दौरान संबंधित 15 जिलों के प्रशासन, पुलिस, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नारकोटिक्स, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जनसम्पर्क, सामाजिक न्याय एवं निरूशक्तजन कल्याण आदि विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देश में 15 अगस्त 2020 से 31 मार्च 2021 तक नशामुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। देश के 272 चिन्हित जिलों में 15 मध्यप्रदेश के जिले शामिल हैं। ये जिले हैं- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, होशंगाबाद, छिन्दवाड़ा, नीमच, दतिया, मंदसौर, नरसिंहपुर, रतलाम और सतना अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये लगातार रणनीति तैयार कर इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है।

दतिया में दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

 मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आज जिले के अग्रणी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दतिया में आत्म निर्भर मध्यप्रदेश अभियान के अन्तर्गत द्वि-दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना से किया गया।

    कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत नवीन शिक्षण पद्धतियों की उपादेयता शीर्षक के माध्यम से महाविद्यालय के शैक्षणिक स्टॉफ को नवीन शिक्षा पद्धति के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ हुआ। संस्था के प्राचार्य डॉ. डी.आर. राहुल द्वारा प्रशिक्षण के मुख्य वक्ता डॉ. नीरज झा प्राध्यापक राजनीति विज्ञान, शासकीय एम.एल.बी. कॉलेज ग्वालियर, डॉ. किशोर अरोरा, प्राध्यापक रसायन विज्ञान, शासकीय पी.जी. कॉलेज दतिया एवं प्रषिक्षण में सम्मिलित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। प्रोफेसर डॉ. रतन सूर्यवंशी द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए नवीन शिक्षा नीति के सभी पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।  
    प्राचार्य ने अपने स्वागत उद्बोधन में नई शिक्षा नीति की उपादेयता, शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की निरन्तरता में मुख्य वक्ता डॉ. नीरज झा ने बताया कि नवीन शिक्षा नीति वर्तमान समय की मांग है इसके समुचित क्रियान्वयन से ही भारतीय युवा पीढ़ी को समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, कौशल विकास प्रदान कर उन्हें रोजगार प्रदान कर राष्ट्र निर्माण में देश के युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा सकती है। नवीन शिक्षा पद्धति के माध्यम से हम एक ऐसे ज्ञान आधारित भारत का निर्माण कर सकते हैं जो कि आत्म निर्भर भारत के आदर्श को स्थापित करेगी।  
   कार्यक्रम में डॉ. किशोर अरोरा ने नवीन शिक्षा पद्धति के विभिन्न बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नवीन शिक्षा व्यापक विचार विमर्श और विषेशज्ञों के परामर्श से तैयार की गई है जिसमें  डॉ. टी.एस. सुब्रमण्यिम  और कृश्णस्वामी कस्तूरीरंजन की प्रमुख भूमिका रही। नवीन शिक्षा नीति में स्कूल, कॉलेज स्तर पर कई शैक्षणिक नवाचार किये गये हैं, जैसे भारत केन्द्रित शिक्षण पद्धति, उच्च गुणवत्ता हेतु शिक्षा प्रदान करना, व्यावसायिक एवं अनुसंधान संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा एन.एस.एस. एवं एन.सी.सी. की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना है। नई शिक्षा में कक्षा पाँचवीं तक त्रिभाशा सूत्र का पालन एवं संस्कृत को वैकल्पिक भाषा के रूप में स्थान दिया गया है। प्रथम दिवस के सत्र के समापन पर प्रो. रतन सूर्यवंशी द्वारा समस्त वक्ताओं और शैक्षणिक स्टॉफ का आभार प्रकट किया गया।  

बुधवार, 9 दिसंबर 2020

सी एम हेल्पलाइन में बिना समाधान शिकायत बंद करने वाले होंगे दंडित, समाधान ऑनलाइन में सुलझे वर्षों से अनसुलझे पड़े मामले 2 साल बाद शुरू हुआ समाधान ऑनलाइन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समाधान ऑनलाइन के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों की लंबित समस्याओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा समाधान करवाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में किसी भी नागरिक द्वारा की गई शिकायत को सुलझाए बिना उसे बंद किए जाने के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब तक दर्ज शिकायत का समाधान शिकायतकर्ता को ना मिले शिकायत बंद नहीं की जाना चाहिए। ऐसा करने वाले अधिकारी कर्मचारी दंडित किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गुना के श्री लाल राम जी को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से दी जाने वाली ऋण राशि दिलवाई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने छिंदवाड़ा के श्री प्रकाश परिहार को बेटी के विवाह के लिए सामाजिक न्याय विभाग की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि दिलवाई। छिंदवाड़ा जिले के ही श्री अमोल धोखे को भी पंचायत विभाग और श्रम विभाग से सहायता प्राप्त हुई। जबलपुर की सुश्री वर्षा चौधरी को भी दो लाख का भुगतान प्राप्त हुआ ।अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की ओर से इस कार्रवाई में विलंब के लिए जिला अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जबलपुर की सुश्री रागिनी कोरी का दुपहिया वाहन चोरी होने पर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरण बिना समाधान के बंद करने के लिए दोषी डीएसपी को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीहोर जिले की श्रीमती निर्मला को बेटी की मृत्यु हो जाने पर संबल योजना के अंतर्गत राहत राशि प्रदान करने को कहा। श्रीमती निर्मला को यह राशि प्राप्त हो गई है ।सीहोर जिले की ही श्रीमती सरस्वती को भी सहायता की राशि भुगतान किया गया। इस प्रकरण में कमिश्नर भोपाल ने बताया कि ऐसे समस्त लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर ली गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने छतरपुर के श्री अवधेश यादव को राजस्व विभाग द्वारा श्री यादव के परिजन की मृत्यु होने पर दी जाने वाली सहायता राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए।उन्होंने कार्य लंबित होने पर अप्रसन्नता व्यक्त कर संबंधित एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कमिश्नर सागर को इस प्रकरण की विस्तार से जांच कर अन्य दोषियों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश भी दिए ।समाधान ऑनलाइन में ग्वालियर की सुश्री मोनिका का उद्यम लघु स्थापना का ऋण प्रकरण भी आया जिसमें सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा ऋण दिया जाना था। कोविड-19 की परिस्थितियों के कारण इसमें विलंब हुआ, लेकिन आज आवेदिका को राशि प्राप्त हो गई। सागर के श्री डीलन पटेल ने 181 पर कॉल कर शिकायत की थी कि उसे राशन खाद्य सामग्री प्राप्त नहीं हो रही।आवेदक को संदिग्ध हितग्राही सूची में दर्ज कर दिया गया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस प्रकरण में त्रुटि के दोषी अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। साथ ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग को पात्र उपभोक्ताओं की सभी पात्रता पर्चियों के वितरण के साथ ही हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अशोक नगर के श्री रामकृष्ण सहरिया को पिता की सर्पदंश से मृत्यु के पश्चात राशि प्रदान करने के मामले में हुए विलंब के लिए दोषी लिपिक को निलंबित करने और संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी भी उपस्थित थे।

पुरस्कृत हुए 8 अधिकारी-कर्मचारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाधान ऑनलाइन में आज सीएम हेल्पलाइन में नवंबर माह के श्रेष्ठ कार्य के लिए अधिकारियों कर्मचारियों को बधाई दी। चयनित 8 लोगों को अच्छे कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान से बधाई मिली। इनमें से एक दीपक श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दो बधाइयां दी। पहली श्रेष्ठ कार्य की और दूसरी उसकी शादी की। दरअसल श्री चौहान के समक्ष आज जब श्रेष्ठ कार्यों का ब्यौरा रखा गया तो कलेक्टर सागर ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को जानकारी दी कि श्री दीपक श्रीवास्तव का आज विवाह है इसलिए वह यहां उपस्थित नहीं है ।तब मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री श्रीवास्तव का मोबाइल नंबर लेकर उसे फोन पर बधाई दी। आज सीएम हेल्पलाइन में विभाग स्तर पर की गई कार्रवाई के लिए उत्कृष्ट जिलों के नाम भी घोषित किए गए। इसके साथ ही विभागों की ग्रेडिंग से भी अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और विभागों को बधाई दी। उन्होंने अन्य विभागों को भी पूरी रुचि और गति के साथ करने के निर्देश दिए। 

कलेक्टर कमिश्नर्स-कान्फ्रेंस आज 9 दिसम्बर को सुबह 11 बजे से

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 9 दिसम्बर को सुबह 11 बजे से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक कान्फ्रेंस आयोजित की गई है। पहले यह कान्फ्रेंस सुबह 11.30 बजे से प्रस्तावित थी।

सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों एवं अभियानों का क्रियान्वयन अधिकारी तत्परता के साथ करें

कलेक्टर श्री संजय कुमार ने राज्य सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों एवं अभियानों की जिले में समीक्षा करते हुए सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों एवं अभियानों का क्रियान्वयन सरकार की मंशा के अनुरूप तत्परता के साथ करे। उन्होंने जिले में माफियाओं के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेत माफिया, भू-माफिया, शिक्षा एवं खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वालों तथा ऐसी चिटफंड कंपनियां जो जनता का पैसा लेकर भाग गई है उन्हें चिन्हित कर उनके विरूद्ध भी सख्ती के साथ कार्यवाही करें।
    कलेक्टर श्री संजय कुमार ने उक्त आश्य के निर्देश सोमवार को न्यू कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में देर शाम तक चली राजस्व अधिकारियों  की बैठक में दिए।
    बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दतिया श्री अशोक सिंह चौहान, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भाण्ड़ेर श्री अरविन्द सिंह माहौर सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। कलेक्टर ने शासन द्वारा संचालित माफिया अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन ने राजस्व अधिकारियों को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समान अनेकों शक्तियां दी है। इन शक्तियों का उपयोग कर असमाजिक तत्वों एवं विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत माफियाओं के विरूद्ध सख्ती के साथ कार्यवाही करें। जिससे आम जनता में सरकार में एवं प्रशासन के प्रति और विश्वास बढ़ेगा जिससे लोग आगे आकर अपनी समस्यायें  रख सकेंगे।
    उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि एक शासकीय सेवक होने के नाते हमारे कार्यालयों में आने वाली आम जनता की समस्या को पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुने एवं निराकरण करने की कार्यवाही करें जिससे शासकीय सेवकों के प्रति और अधिक विश्वास भी बढ़ेगा।

निदान केन्द्र शुरू होगा

    कलेक्टर श्री कुमार ने कहा कि जन सामान्य की समस्याओं के निराकरण हेतु न्यू कलेक्ट्रेट में एक निदान केन्द्र भी शुरू किया जावेगा। जिस पर एक अधिकारी द्वारा जनता की समस्याओं से संबंधित आवेदन पत्रों को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनेगा एवं निराकरण की भी कार्यवाही कराई जायेगी। बाहर से आने वाले गरीब आवेदकों को पूरे सम्मान के साथ निःशुल्क भोजन भी कराया जायेगा। जिससे उन्हें एहसास हो सके कि सरकार हमारी भलाई और समस्याओं के निराकरण के लिए है।
    कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वह भी अपने स्तर पर लोक परिसम्पतियों, रेत एवं भू-माफियाओं, मिलावटखोरो के विरूद्ध की गई कार्यवाही की निरंतर समीक्षा करें। पटवारी भी प्रति सोमवार एवं गुरूवार को अपने निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थित होकर कार्य करें। इसकी जानकारी ग्रामीणों को विभिन्न माध्यमों से दें। 

सरकारी धन के गबन के मुलजिमों को बचाने में 20 साल तक लगी रही मुरैना पुलिस, हाई कोर्ट ने कराई थी एफ आई आर , केस डायरी कोर्ट से चुराकर गायब की , सबूत फाड़ फाड़ कर फेंके , कानूनऔर कोर्ट की ऑंखों में झोंकी धूल

     मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन  मुरैना 15 सितंबर ( ग्वालियर टाइम्स ) लगातार 20 साल तक कोर्ट और कानून की ऑंखों में धूल झोंक कर भारी भरकम रिश्...