सोमवार, 1 मार्च 2021

दो उर्वरक विक्रेताओं के लायसेंस निलंबित

  उर्वरक वितरण में अनियमित्तायें पाए जाने पर उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास तथा अनुज्ञापन अधिकारी दतिया ने दो उर्वकरक विक्रेताओं के उर्वरक लायसेंस निलंबित कर दएि गए है। लायसेंस निलंबन की कार्यवाही उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की तहत की गई है।

    उपसंचालक ने बताया कि निलंबित किए गए लायसेंस में मैसर्स सरोज नरवरिया उनाव रोड़ दतिया और मैसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स बस स्टैण्ड़ दतिया शामिल है। उल्लेखनीय है कि उक्त फर्मो द्वारा माह नवम्बर 2020 में उर्वकर वितरण में अनियमित्ता पाई गई थी।  

किसान पंजीयन संबंधी शिकायत (दावा) खाद्य शाखा में 2 मार्च तक करें

 रबी उपार्जन वर्ष 2021-22 में दतिया दतिया में सहकारी संस्थायें एवं एमपी किसान एप के माध्यम से कृषकों के पंजीयन किए गए है। जिन कृषकों की कृषि भूमि को अन्य कृषकों द्वारा बिना सहमति से अवैघ रूप से पंजीयन करा लिया गाय है। ऐसे कृषक अपनी शिकायत (दावा) न्यू कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 17 खाद्य शाखा में 2 मार्च 2021 तक दर्ज करा सकते है। जिसकी विधिवत जांच कराकर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। शिकायत (दावा) करते समय कृषक को खसरा, आधार कार्ड की छायाप्रति, पंजीयन सहित दस्तावेज साथ में लाना होंगे।

अग्नि-सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का करें सख्ती से पालन - नगरीय विकास मंत्री सिंह

 नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने निर्देशित किया है कि प्रशासन द्वारा अग्नि-सुरक्षा संबंधी जो प्रावधान किये गये हैं, उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाये। भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानों में सितम्बर-2020 में संशोधन कर अग्नि-सुरक्षा संबंधी प्रावधानों को और अधिक उपयुक्त बनाया गया है।

अग्नि-सुरक्षा के लिये भवन स्वामियों की जिम्मेदारी
    आयुक्त टाउन एवं कंट्री प्लानिंग श्री अजीत कुमार ने जानकारी दी है कि अग्नि-सुरक्षा के लिये भवन स्वामियों के लिये जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। छतों या बेसमेंट में किसी रसोई की अनुमति नहीं होगी। छतों पर ज्वलनशील पदार्थ का भण्डारण नहीं किया जा सकेगा। एफआरपी (Fibre reinforced plastic) का उपयोग करके छत या छज्जे के ऊपर किसी अस्थाई छत की अनुमति नहीं होगी। निर्माण की ज्वलनशील सामग्री जैसे लकड़ी, फॉम पेनलिंग, कालीन आदि का उपयोग मार्ग, गलियारों या सीढि़यों में नहीं किया जायेगा।
    राष्ट्रीय भवन कोड (एनबीसी) में निर्धारत मानकों के अनुरूप ही गैस बैंक स्थापित किया जाये। वाणिज्यिक एवं अन्य भवनों में मुख्य विद्युत पैनल एवं डी.जी. चेन्ज ओवर और मेन सप्लाई पैनल केबिनेट, क्लीन एजेंट, गैस फायर, सुप्रेशन सिस्टम से संरक्षित होना आवश्यक है। सभी मंजिल की सीढि़यों और गलियारों में धुएँ के वेंटिलेशन के लिये प्राकृतिक या यांत्रिक व्यवस्था की जाये। राष्ट्रीय भवन संहिता में उल्लिखित भवनों का फायर ऑडिट वर्ष में एक बार किया जायेगा। भवन का स्वामी प्रत्येक वित्तीय वर्ष की 30 जून तक अग्नि-शमन ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
अग्नि-शमन इंजीनियर
    अग्नि-सुरक्षा को कड़ाई से लागू करने और अग्नि-शमन ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने के लिये अग्नि-शमन इंजीनियर का प्रावधान किया गया है। अग्नि-शमन इंजीनियर को मान्यता प्राप्त भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय से अग्नि-शमन इंजीनियरिंग अथवा प्रौद्योगिकी में स्नातक के साथ इस क्षेत्र में 3 वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा। अग्नि-शमन इंजीनियर सभी प्रकार के भवनों में, जो राष्ट्रीय भवन संहिता भाग-4 के अधीन आते हैं, के फायर सेफ्टी और फायर ऑडिट से संबंधी कार्य के लिये सक्षम होगा।
सक्षम प्राधिकारी
    अग्नि-सुरक्षा संबंधी प्रावधानों को लागू करवाने के लिये सक्षम प्राधिकारी नगरीय निकाय के आयुक्त अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी होंगे। नियमों में प्रावधानित सुरक्षा उपाय लागू करवाने एवं ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर भवन स्वामियों को दी गई एनओसी रद्द करने का अधिकार सक्षम प्राधिकारी को होगा। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा निर्देशित अग्नि-शमन संबंधी सभी प्रावधानों को लागू करने की जिम्मेदारी भी सक्षम प्राधिकारी की होगी।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में मिली राशि से श्रीमती ललिता का सब्जी व्यवसाय पुनः चल निकला

दतिया की ललिता कुशवाहा पत्नि तुलसी कुशवाहा के परिवार का पालन पोषण का जरिया सब्जी विक्रय का ही व्यवसाय है। जिससे परिवार का खर्च चलता है। श्रीमती ललिता कुशवाहा के पति के देहांत के बाद परिवार में कमाने वाला अन्य कोई सदस्य नहीं था। लेकिन आनंद टॉकीज के पास वह सब्जी व्यवसाय से वह अपने परिवार का भरण पोषण करती थी। इस बीच कोरोना महामारी के दौरान लॉक डाउन की वजह सब्जी विक्रय में कमी आई और धीरे-धीरे व्यवसाय बंद हो गया। जससे परिवार के भरण-पोषण में परेशानी आने लगी और परिवार में जमा पूंजी भी खत्म हो गई। इस बीच श्रीमती ललिता ने  एक दिन नगर पालिका जाकर सब्जी व्यवसाय शुरू करने हेतु मुख्य नगर अधिकारी से चर्चा की उन्होंने बताया कि अपना सब्जी व्यवसाय शुरू करने हेतु योजना के तहत् ऋण प्राप्त होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री असंगठित कामगार पोर्टल में पंजीयन करायें। पंजीयन एवं सत्यापन के उपरांत वैण्डिग कार्ड एवे वैडिग सर्टीफिकेट नगर पालिका परिषद द्वारा जारी किया गया। पीएम स्वनिधि योजना के तहत् सब्जी व्यवसाय पुनः शुरू करने हेतु कार्यशील पूँजी के रूप में स्टैट बैंक ऑफ इंडिया शाखा दतिया द्वारा 10 हजार रूपये का ऋण मिला। इस ऋण राशि से आज सब्जी का व्यवाय पुनः चल निकला। सब्जी के व्यवसाय से श्रीमती ललिता कुशवाहा को 6 से 7 हजार रूपये की आमदनी हो रही है। उनका कहना है कि 10 हजार की मिली राशि से सब्जी का व्यवसाय पुनः शुरू होने पर केन्द्र एवं राज्य सरकार के प्रति वह आभारी है। 

वन मंडलाधिकारी ने किया किला चौक पार्क का उद्घाटन , मुख्य आकर्षण का केंद्र है किला चौक पार्क- प्रियांशी राठौर

शाम 5 से 8 बजे तक सैलानियों के लिए खोला जाएगा किला चौक पार्क

दतिया। शहर के समाजसेवी डॉ राजू त्यागी की मेहनत, लगन व इच्छा शक्ति का ही परिणाम है कि जो पार्क वर्षों से वीरान व बदहाल स्थिति में पड़ा था आज वह शहर का मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है। हमें भी डॉ त्यागी जी से प्रेरणा लेकर शहर के अन्य पार्कों को विकसित करने का प्रण लेना चाहिए। यह बात वन मंडलाधिकारी प्रियांशी राठौर ने आज किला चौक पार्क का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने डॉ त्यागी द्वारा शुरू किए गए आई लव दतिया अभियान की सराहना करते हुए कहा कि अपने शहर को साफ सुथरा रखने के लिए चलाया गया यह अभियान काबिले तारीफ है। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी डॉ राजू त्यागी ने बताया कि यह पार्क शनिवार से प्रतिदिन शाम 5 बजे से 8 बजे तक शहर के नागरिकों के लिए खोला जाएगा। जिससे बच्चे बुजुर्ग व लोग आकर पार्क का आनंद ले सकें। कार्यक्रम का दौरान मनीष भंबानी, अंकित समाधिया, सेंकी अग्रवाल, चंद्रभान, हिमांशु यादव, गौरव अग्रवाल, शिवम पटसरिया, रवि साहू, सल्लू खान, आनंद ढेंगुला, पप्पन बिलैया, मंगलेश अग्रवाल, कल्याण चौहान आदि लोग मौजूद रहे।

 

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने विराट अंतराज्यीय दंगल का शुभारंभ किया

मध्यप्रदेश शासन के गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि विधायी विभाग मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया प्रवास के दौरान शनिवार को ग्राम चितुवां पहुंचकर विराट अंतराज्जीय दंगल का मुख्य अतिथि के रूप में शुभारंभ किया।
    गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दंगल के शुभारंभ अवसर पर अन्य शहरों से पहलवानों एवं उनके कोचो से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने पहलवानों से हाथ मिलवाकर दंगल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे जिले का दंगल खेल बहुत प्राचीन खेल है। जिसमें हमारे दतिया के पहलवानों ने इतिहास में काफी नाम कमाया है और दतिया का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि इन खेलों से हमारा स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है। यदि हमारा स्वास्थ्य अच्छा है तो मन भी और तन भी अच्छा रहता है और स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो मन और तन बेकार हो जाता है। आज के वर्तमान युग में नई पीढ़ी इन बातों पर ध्यान नहीं देती है किन्तु इस प्रकार के आयोजन होने पर नई पीढ़ी पर काफी असर पड़ेगा और उनमें दंगल के प्रति रूचि जागृत होगी।
    गृह मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए जिससे हमारी परम्परा आगे भी जीवित रहे। उन्होंने उपस्थित सभी पहलवानों से कहा कि हमें खेल हमेशा खेल भावना से खेलना चाहिए।
    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह बुद्यौलिया, पूर्व विधायक डॉ. आशाराम अहिरवार, श्री प्रदीप अग्रवाल, सर्वश्री विपिन गोस्वामी, मुकेश यादव, प्रशांत ढेंगुला, सतीश यादव, धीरू दांगी, योगेश सक्सैना, अतुल भूरे चौधरी, रवि यादव, लल्ला यादव, मुकेश यादव पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमानयजन व खेल प्रेमी उपस्थित रहे।   

पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिये 3दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आज 22 फरवरी से होगा

 दतिया, 21 फरवरी  2021/  शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण में कई स्तर¨पर आ रही तकनीकी समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए आहरण एवं संवितरण अधिकारियों, वित्तीय सलाहकारों और वित्तीय अधिकारियों को इंटीग्रेटेड फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम - आईएफएमआईएस पर 22 फरवरी से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा।

प्रशिक्षण में आईएफएमआईएस प्रणाली के पेंशन मॉडल के विभिन्न स्तरों पर तकनीकी समस्याओं का समाधान और अधिकारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों का निराकरण भी किया जायेगा। प्रशिक्षण में कर्मचारियों की सेवा संबंधी कठिनाइयों और इससे पेंशन प्रकरणों को  हल करने में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण की प्रक्रिया भी बताई जाएगी।
    वल्लभ भवन कोषालय भोपाल के अंतर्गत सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों, वित्तीय सलाहकारों और वित्तीय अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण मैपआईटी हाल वल्लभ भवन में होगा। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री प्रदीप ओमकार ने बताया कि सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए निर्देशित किया गया है।

पाॅक्सो एक्ट एवं जेजे एक्ट का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आज 22 फरवरी को होगी

 दतिया, 21 फरवरी  2021/  समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत लैंगिग अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम (पाॅक्सो) 2012 एवं नियम 2020 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के उन्मुखीकरण हेतु 22 फरवरी 2021 को प्रातः 10 बजे से स्थान  एडीआर भवन जिला न्यायालय परिसर दतिया में जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है।

कार्यशाला में पाॅक्सो एक्ट 2012 एवं किशोर न्याय अधिनियम 2015 उन्मुखीकरण पर चर्चा की जायेगी।

रबी उपार्जन वर्ष 2021-22 में गेहूॅ पंजीयन एवं पीडीएस आवंटन, उठाव, वितरण की समीक्षा बैठक आज 22 फरवरी को होगी

 रबी उपार्जन वर्ष 2021-22 में गेहूॅ पंजीयन एवं पीडीएस आवंटन, उठाव, वितरण की समीक्षा बैठक 22 फरवरी को

दतिया, 21 फरवरी  2021/  रबी उपार्जन पंजीयन वर्ष 2021-22 में कृषकों के पंजीयन संबंधी एवं रबी उपार्जन की समस्त तैयारी के संबंध में तथा कृषकों को विगत वर्ष गेहूॅ, धान, मोटा अनाज, ज्वार, बाजरा, चना, सरसो, मसूर के लंबित भुगतान सहित शासकीय उचित मूल्य दुकानवार राशन सामग्री वितरण की समीक्षा बैठक 22 फरवरी 2021 को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई है।

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

जाली बिजली बिलों से 47 हजार उपभोक्ता केवल एक शहर में हलकान, भ्रष्ट बिजली कर्मीयों ने कर डाली अंधाधुंध बिजली कटौती

मुरैना शहर 02 फरवरी रात्रि 11 बजकर 56 मिनिट , विशेषकर गांधी कालोनी में की जा रही बिजली कटौती तारीख 31 जनवरी की सुबह 6 बजे से शुरू की गयी , पूरे दिन व पूरी रात बिजली गायब रहने के बाद फिर 1 फरवरी और 2 फरवरी को भी बिजली कटौती का यही आलम बरकरार है , खबर लिखे जाने के वक्त देर रात तक गांधी कालोनी मुरैना में अंधाधुंध अघोषित बिजली कटौती जारी थी ।

ज्ञातव्य है कि जहां जाली व फर्जी बिल जारी करने में भी मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की मुरैना शाखा अव्वलतम है वहीं तकरीबन 50 हजार उपभोक्ताओं के बिजली के बिल इनके भ्रष्ट व अंधेरगर्द अफसरों ने इतने अधिक बढ़ा दिये कि जिनके बिल 196 रू महीने आते थे , उनके बिल 3 हजार रू महीने कर दिये ।

आवेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं - बिजली कंपनी को उपभोक्ता सन 2010 से निरंतर आवेदन दे रहे हैं ( ग्वालियर टाइम्स के पास इन आवेदनों की पावतियां उपलब्ध हैं ) तमाम शिकायतें भी करते हैं । मगर भ्रष्टाचार की विष्टा खा रहे अधिकारी इतने मगरूर और अंधे बहरे हैं कि न तो उन्हें कुछ दिखाई देता है और न कुछ सुनाई ही देता है । गोया आलम ये है कि 40 साल से जो उपभोक्ता हर महीने नियमित बिल देते भरते आये हैं , बिजली कंपनी की अंधेरगर्दी ने इस सूरत में उन्हें ला दिया है कि वे बिजली का एक भी बिल और कभी भी जमा न करें ।

बिजली कंपनी की असली सूरत और तस्वीर देख कर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह के सारे काम और सारे के सारे दावे एकदम झूठे और दिखावटी ही प्रतीत होते हैं ।

 

सरकारी धन के गबन के मुलजिमों को बचाने में 20 साल तक लगी रही मुरैना पुलिस, हाई कोर्ट ने कराई थी एफ आई आर , केस डायरी कोर्ट से चुराकर गायब की , सबूत फाड़ फाड़ कर फेंके , कानूनऔर कोर्ट की ऑंखों में झोंकी धूल

     मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन  मुरैना 15 सितंबर ( ग्वालियर टाइम्स ) लगातार 20 साल तक कोर्ट और कानून की ऑंखों में धूल झोंक कर भारी भरकम रिश्...