रविवार, 13 दिसंबर 2020

हमारी लापरवाही के कारण पनप रहा लार्वा : डॉ. हेमन्त गौतम

 मच्छरों के बढ़ने में आम जनता के सहयोग से ही रोक लगाई जा सकती है। जिनके घरों में तथा जिनके घरों के आस-पास की नालियों के रूके पानी में मलेरिया और डेंगू के मच्छर का लार्वा पनप रहा है। वे सब भी इन बीमारियों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। स्वास्थ्य विभाग एवं मलेरिया विभाग द्वारा तमाम प्रयासों एवं जागरूकता के बाद भी जनमानस में मच्छर के लार्वा को जांच कर नष्ट करने की प्रवृत्ति नहीं बनती है। तब तक मच्छर पर नियंत्रण कर पाना बहुत कठिन है। मलेरिया विभाग सीमित स्टाफ एवं संसाधनों में सीमित प्रयास करता है। यदि जनता का समग्र प्रयास जुड़ जाये तो कीटजनित रोगों पर नियंत्रण कर पाना आसान ही नहीं बल्कि पूर्ण संभव होगा। उक्त जानकारी डॉ. हेमन्त गौतम जिला मलेरिया अधिकारी द्वारा मच्छर लार्वा सर्वे एवं उसके विनिष्टीकरण करने वाली टीम के कार्य रिपोर्ट की जारी करते कही।
    डॉ. गौतम द्वारा बताया गया कि सर्वे टीम द्वारा 10.12.2020 को बुंदेला कॉलोनी में कैलाश श्रीवास्तव के घर के सामने, अशोक शिवहरे के घर के सामने, आर.के. उदैनिया के घर के सामने भारी मात्रा में मलेरिया के एनाफिलीज मच्छर का लार्वा पाया गया। दिनांक 11.12.2020 को दीनदयाल साहू के घर के बाहर रखी टंकी में, पवन मेडीकल के बगल में रखी टंकी में एवं आज दिनांक 12.12.2020 को पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में भोला सिंह तोमर के मकान के पास, सुंदरानी पैट्रोल पम्प के पीछे गणेश घाट राजीव नगर में, भदौरिया की खिड़की इत्यादि स्थानों पर सर्वे टीम द्वारा लार्वा सर्वे एवं विनिष्टीकरण किया गया तथा रूके हुए पानी में टैमोफॉस कीटनाशक का छिड़काव किया गया ताकि रूके पानी में यदि मच्छर अण्डे दें तो अण्डे और अण्डों से निकलने वाला लार्वा नष्ट हो जाए। टीम द्वारा माह फरवरी तक निरंतर कार्य किया जावेगा।

शनिवार, 12 दिसंबर 2020

पी.एम. स्वनिधि योजना बनमाली की चाय की दुकान को पुनः खड़ा करने में बनी मदद्गार "खुशियों की दास्तां "

दतिया नगर के रहने वाले श्री बनमाली पाल के संकट के समय में पी.एम. स्वनिधि योजना में मिली 10 हजार की राशि बनमाली पाल को अपनी चाय की दुकान को पुनः खड़ा करने में काफी मद्दगार साबित हुई।
    दतिया नगर पालिका परषिद कार्यालय के नीचे श्री बनमाली पाल पुत्र श्री हरपाल पाल चाय का ठेला लगभग 20 वर्षो से लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण लॉक डाउन के दौरान श्री बनमाली की चाय की दुकान बंद हो गई। जिसके कारण इनके परिवार के भरण-पोषण की समस्या आ खड़ी हुई। इस बीच बनमाली ने मुख्यमंत्री असंगठित कामगार पोर्टल में शहरी पथ विक्रेता के पंजीयन हेतु आवेदन किया। आवेदन के सत्यापन एवं अनुमोदन के उपरांत वेण्डिंग कार्ड तथा वेण्डिंग सर्टिफिकेट डे-एनयूएलएम नगर पालिका परिषद दतिया द्वारा प्रदाय किया गया। चाय बनाने का व्यवसाय पुनः शुरू हो सके इसके लिए इनके द्वारा नगर पालिका परिषद दतिया में पीएम स्वनिधि योजना के तहत् ऋण हेतु आवेदन किया। आवेदन के परीक्षण उपरांत इंडियन ओवरसीज बैंक दतिया द्वारा ऋण स्वीकृत कर इन्हें 10 हजार रूपये की राशि कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदाय की गई। शासन से मिली सहायता से इनकी चाय की दुकान पुनः खड़ी हो गई जिसमें इन्हें 7 हजार रूपये मासिक आय हो रही है। अब इनकी आर्थिक स्थिति में भी बेहतर सुधार होने से परिवार का भरण-पोषण भी अच्छे तरीके से हो रहा है। साथ ही डे-एनयूएलएम योजना के तहत् इन्हें फोन-पे से क्यूआर कोड भी दिया गया है जिससे अब यह डिजीटल ट्रांजेक्शन भी कर रहे है। इनका कहना है कि संकट की घड़ी में पीएम स्वनिधि योजना न होती तो उनका परिवार संकटों से गुजरता लेकिन यह योजना उनके परिवार के लिए वरदान बनकर आई है।

अनूप सिंह भारतीय

 उपसंचालक

 जनसम्पर्क दतिया 


गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज से दतिया प्रवास पर रहेंगे- भ्रमण कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा

 मध्यप्रदेश शासन के गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि विधायी मंत्री डॉ. नरोत्म मिश्र 12 एवं 13 दिसम्बर को दतिया जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान अनेकों कार्यक्रमों में भाग लेंगे

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. मिश्र 12 दिसम्बर को प्रात: 5.30 बजे सचखंड एक्सप्रेस से डबरा पहुंचेगे। प्रात: 8.30 बजे कार द्वारा डबरा से दतिया के लिए रवाना होंगे। जहां आप प्रात: 9 बजे दतिया निवास पर आमजनों से भेंट करेंगे। प्रात: 9.30 बजे मॉ पीताम्बरा माई एवं शनिदेव जी के दर्शन करेंगे। दर्शन उपरांत कार द्वारा 10 बजे विशाल धर्मशाला सोनागिर में पहुंचकर बड़ौनी मंडल कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। दोपहर 12 बजे दतिया निवास पहुंचेगे (आरक्षित) रहेगा। अपरान्ह 3 बजे आप गायत्री गार्डन दतिया में उद्यवा मंडल कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। सायं 4 बजे आप दतिया से डबरा के लिए प्रस्थान कर सायं 4.30 बजे डबरा निवास पहुंचेगे। सायं 7 बजे आप डबरा से दबोह जिला भिण्ड़ के लिए कार द्वारा प्रस्थान कर रात्रि 8.15 बजे दबोह पहुंचेगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। रात्रि 8.45 बजे दबोह से डबरा के लिए प्रस्थान कर रात्रि 10 बजे डबरा निवास पर पहुंचेगे।
    गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र 13 दिसम्बर 2020 को प्रात: 9 बजे डबरा से दतिया के लिए प्रस्थन कर प्रात: 9.30 बजे दतिया निवास पर पहुंचेगे और आमजन से भेंट करेंगे। प्रात: 10 बजे भारतीय विद्या पीठ दतिया में आयोजित नगर मंडल कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। दोपहर 12 बजे आप दतिया निवास पर पहुंचेगे (आरक्षित) रहेग। अपरान्ह 3 बजे आप पिंक मैरिज हाऊस दतिया में ग्रामीण अंचल कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। सायं 4 बजे आप दतिया से डबरा के लिए प्रस्थान कर सायं 4.30 बजे डबरा पहुचेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सायं 6.30 बजे आप डबरा से दतिया के लिए प्रस्थान कर सायं 7 बजे दतिया पहुंचेगे और मांझी समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भाग लेंगे/भोजन। रात्रि 8.15 बजे आप दतिया से श्रीघाम एक्सप्रेस द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला एवं तहसील न्यायालयों में आज 17 न्यायिक खण्डपीठें करेगीं नेशनल लोक अदालत में 3196 प्रकरणों की सुनवाई

 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्रीमती सुनीता यादव के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय दतिया एवं तहसील न्यायालय सेवढ़ा व भाण्डेर में 12 दिसंबर 2020 को आयोजित की जायेगी। नेशनल लोक अदालत में कुल 17 खण्डपीठें बनाई गई है। लोक अदालत में जिला एवं तहसील स्तर के खण्डपीठ पीठासीन अधिकारी एवं सुलहकर्ता सदस्यों द्वारा सुलहवार्ता कराई जाकर आपसी समझौते कराये जायेगें।

    नेशनल लोक अदालत का विधिवत शुभारम्भ जिला न्यायाधीष एवं अध्यक्ष श्रीमती सुनीता यादव के मुख्य आतिथ्यि में जिला न्यायालय परिसर स्थित ए.डी.आर भवन के सभाकक्ष में 10:30 बजे किया जायेगा। लोक अदालत में न्यायाधीशगण, सुलहकर्ता सदस्यों के साथ उपस्थित रहेगें।
    जिला न्यायाधीश श्रीमती सुनीता यादव द्वारा लोगों से अपील की गई कि यदि वे किसी भी आलम्बित वाद को नेशनल लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर निपटाना चाहते है तो संबधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी से अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया के कार्यालय में दिनांक 12 दिसंबर 2020 को सम्पर्क कर अपने राजीनामा योग्य मामले का निराकरण राजीनामा के आधार पर करा सकते हैं। जिला न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि लोक अदालत में पक्षों के मध्य आपसी सुलह समझौते के आधार पर विवाद का निराकरण किया जाता है जिसके निर्णय के विरूद्व कोई अपील नहीं होती।
    जिला न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि लोक अदालत में वाद निराकरण हेतु किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं होता एवं लम्बित मामलों के लोक अदालत में निराकरण पर न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था होती है। कानूनी जटिलताओं से परे लोक अदालत की प्रक्रिया सहज और आपसी समझौते पर आधारित होती है। साथ ही त्वरित, सस्ता, सुलभ न्याय प्रत्येक भारतीय नागरिक का नैतिक अधिकार है, नेशनल लोक अदालत का आयोजन तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय के स्तर तक किसी भी न्यायालय अथवा विभागी मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जाने हेतु आवेदन पत्र अंतिम आदेश व निर्णय प्राप्त कर सदैव के लिये लंबित मामलों से छुटकारा पाने का स्वर्णिम अवसर है।

मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान मद से उपचार हेतु दी 35 हजार रूपये की सहायता

 मुख्ममंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से ग्राम सेमई निवासी श्री मंशाराम दांगी को उपचार हेतु 30 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

 

सोलर रूफटाप के लिए 140 उपभोक्ताओं ने दिए आवेदन सोलर रूफटाप लगाएँ और सब्सिडी का लाभ उठाएँ

 मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने घरेलू संयोजनों पर सोलर रूफटाप लगाने के लिए निविदा के माध्यम से रेट तय कर ठेकेदारों (एजेंसियों) को कार्य आवंटित कर दिया है। इसके अंतर्गत अब तक 140 आवेदन सोलर रूफटाप प्लांट लगाने के लिए प्राप्त हो गए हैं।

सोलर रूफटाप
   अपने घर/ग्रुप हाउसिंग सोसायटी की छत/लगी हुई खुली जगह पर सोलर पैनल लगायें जा सकते हैं। इससे बिजली पर होने वाले खर्च को बचाया जा सकता है। सोलर पैनल से बिजली 25 साल तक मिलेगी और इसके लगाने के खर्च का भुगतान 4-5 वर्षों में बराबर हो जाएगा। इसके बाद अगले 20 वर्षों तक सोलर से बिजली का लाभ सतत् मिलता रहेगा। इससे कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और पर्यावरण को लाभ मिलेगा। एक कि.वा. सौर ऊर्जा के लिए लगभग 10 वर्ग मीटर की जरूरत होगी। 3 कि.वा. तक के सोलर प्लांट पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी और 3 कि.वा. के बाद 10 कि.वा. तक 20 प्रतिशत की सब्सिडी भारत सरकार द्वारा मिलेगी।
सोलर प्लांट लगाने पर खर्च-
1 कि.वा. से ऊपर - 3 कि.वा. तक    -  37000 रूपये प्रति कि.वा.
3 कि.वा. से ऊपर -10 कि.वा. तक    -  39800 रूपये प्रति कि.वा.
10 कि.वा. से ऊपर -100 कि.वा. तक  -  36500 रूपये प्रति कि.वा.
100 कि.वा. से ऊपर -500 कि.वा. तक -  34900 रूपये प्रति किवा.
   मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि इस राशि में सब्सिडी शामिल है। सब्सिडी घटाकर एजेन्सी को भुगतान की जाने वाली राशि 3 कि.वा. के लिए 66 हजार 600 रूपये व 5 कि.वा. पर एक लाख 35 हजार 320 रूप्ये है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कम्पनी द्वारा दिये तकनीकी विवरण के कार्य के लिये उक्त राशि से अधिक भुगतान नहीं करें।
   ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को कॉमन सुविधा वाले संयोजन पर 500  कि.वा. तक (10 कि.वा. प्रति घर) 20 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। कंपनी द्वारा अधिकृत एजेंसी, तकनीकी विवरण, सब्सिडी व भुगतान की जाने वाली राशि की जानकारी के लिये विद्युत वितरण कंपनी के निकटतम कार्यालय, कंपनी की वेबसाईट portal-mpcz-in के मुख्य पृष्ठ पर देखें या टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें। 

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में अनुसूचित जाति के 1033 ग्रामों का चयन, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग कर रहा है इन गाँवों का सर्वांगीण विकास

 प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले चयनित गाँवों को समग्र रूप से विकसित करने के लिये प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में प्रदेश के 1033 ग्राम चिन्हित किये गये हैं। पूर्व में यह योजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास द्वारा संचालित की जा रही थी। अब यह योजना अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा चलायी जा रही है।

    चयनित गाँवों में से 918 गाँवों का विकास योजना प्लान तैयार कर लिया गया है। योजना में विशेष रूप से 10 कार्यक्षेत्र जिनमें पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें, आवास, स्वच्छ ईंधन के साधन, आजीविका एवं कौशल विकास प्रमुख हैं। योजना के क्रियान्वयन में केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जा रही है। योजना में जिन जिलों के गाँवों का चयन किया गया है, उन्हें अभी तक 32 करोड़ रूपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। योजना में प्रथम चरण की अवधि 2 वर्ष रखी गयी है।
    योजना पर निगरानी के लिये ग्राम, जिला और राज्य स्तर पर समिति गठित की गई है। योजना में 500 से अधिक आबादी वाले अथवा 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाले गाँवों को समग्र विकास के लिये चिन्हित किया गया

शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

विश्व मानव अधिकार दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर संपन्न

म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेश अनुसार एवं प्रशासन द्वारा कोविड-19 संबंधी जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्रीमती सुनीता यादव के निर्देशन एवं सचिव, एडीजे श्री दिनेशकुमार खटीक के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया द्वारा विश्व मानव अधिकार दिवस के अवसर पर रासजेबी विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।   
   कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जागरूकता शिविर में मुख्य अतिथि के रुप में जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अंकिता शांडिल्य उपस्थित रहीं व कार्यक्रम की अध्यक्षता रासजेबी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर श्री राजेश मोर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पैरालीगल वॉलेंटियर, समाजसेवी रामजीशरण राय उपस्थित रहे।
     कार्यक्रम में मानव अधिकार के संबंध में मुख्य अतिथि सुश्री अंकिता शांडिल्य द्वारा मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के बारे में व्यापक जानकारी देते हुए मानवाधिकार के अर्थ को स्पष्ट करते हुए बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन स्वतंत्रता समानता एवं गरमा का अधिकार जो संविधान द्वारा सुनिश्चित अथवा अंतर्राष्ट्रीय भाषा में सन्निहित है तथा भारतीय न्याय मूल द्वारा लागू है बताया उन्होंने मानवाधिकारों में अधिकार एवं दायित्व शामिल है। राज्य मानव अधिकारों के गरिमा संरक्षण पर निबंध निर्वहन के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून के अंतर्गत अधिकार एवं दायित्व दोनों की कल्पना करता है। व्यक्तिगत स्तर पर जिस प्रकार हम अपने और मानवाधिकारों के हकदार हैं वही दूसरों के मानवाधिकारों का भी सम्मान हमें करना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे श्री राजेश मोर द्वारा संस्थान के बारे में बताया कि कोई भी नागरिक अपने व्यवसाय में रहते हुए भी मानव अधिकार संरक्षक बन सकता है मानवाधिकार संरक्षक पेशेवर मानवाधिकार करता मानवाधिकार मामलों पर कुछ काम कर रहे वकील पत्रकार व्यापारिक संघ के लोग या विकास कार्यकर्ता हो सकते हैं।  
   विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रामजीशरण राय द्वारा बताया गया कि हमें अपने क्षेत्र में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए वंचित बनेरी लोगों की आवाज बनने की आवश्यकता है जो लोग अपनी आवाज नहीं उठा सकते उन्हें हम हैं। उनकी आवाज हम सबको मिलकर उठाना चाहिए और उन्हें प्रदत्त मानवाधिकार दिलाने में सहयोग करना चाहिए। इसी क्रम में पीएलबी शैलेंद्र सविता द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में व्यापक जानकारी देते हुए पैरालीगल वालंटियर के कार्य एवं दायित्व के बारे में बताया साथी पैरालीगल कौन बन सकते है बताया। प्रभारी प्राचार्य श्री अतुल जैन द्वारा सभी का अतिथियों का स्वागत करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण का धन्यवाद ज्ञापित किया जो खास दिन पर खास विषय को लेकर आयोजन किया गया उपस्थित छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए प्रश्नों का अतिथि पैनल द्वारा सहज व सरल ढंग से समाधान किया गया साथी उनको प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने ज्ञान को और ज्यादा प्रमाणित करने के लिए अधिक से अधिक प्रश्न करने की इच्छा को प्रबल करें।
   कार्यक्रम में कु. अंकिता शांडिल्य जिला विधिक सहायता अधिकारी ने बताया कि आज हम सभी  विश्व मानव अधिकार दिवस की 70 वी सालगिरह मना रहे है।  हर साल दिसंबर महीने की 10 तारीख को दुनियाभर में मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 1950 में 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस के रूप में घोषित किया था। इसका उद्देश्य दुनियाभर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना है। 1948 में यूएन ने मानव अधिकारों की सर्वभौमिक घोषणा की। किसी भी व्यक्ति का जीवन, आजादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार ही मानवाधिकार के अंतर्गत आता है, लेकिन ज्यादातर लोग अपने इन अधिकारों के बारे में अच्छे से नहीं जानते हैं। उन्हें इन अधिकारों से रूबरू कराने के लिए ही मानवाधिकार दिवस का आयोजन किया जाता है।
   मानव अधिकार व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक साथ चलते  है मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी व्यक्ति हकदार है। अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं के उदाहरण के रूप में जैसे कि जीवन और आजाद रहने का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता एवं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार, भोजन का अधिकार काम करने का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार।
   इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अतुल जैन, भानवेन्द्र चतुर्वेदी, किशन गुप्ता, निखिल पमवानी आदि छात्र एवं छात्राएं आदि उपस्थित रहे। उक्त जानकारी पीएलव्ही शैलेन्द्र सविता ने दी। 

कमिश्नर सक्सैना ने चिकित्सा महाविद्यालय का किया निरीक्षण

 ग्वालियर संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सैना ने दतिया जिले के प्रवास के दौरान गुरूवार को चिकित्सा महाविद्यालय दतिया का निरीक्षण कर चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा आरटीपीसीआर लैब में कोविड-19 जांच की भी जानकारी ली।
   इस दौरान कलेक्टर श्री संजय कुमार, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. एके दीक्षित, मेडीकल कॉलेज के चिकित्सकगण सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी साथ थे।
   


संभागायुक्त श्री सक्सैना ने मेडीकल कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे चकित्सक छात्रों के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में विभिन्न पदों पर चिकित्सकों की पूर्ति, रिक्त पदों के संबंध में भी चर्चा की। इस दौरान मेडीकल कॉलेज के प्रभारी ने बताया कि चिक्त्सिा महाविद्यालय दतिया में आरटीसीपीसीआर लैब के माध्यम से कोविड-19 की जांच की जा रही है। एमबीबीएस के तृतीय बैच के चिकित्सक छात्रों के लिए काउंसलिंग भी शुरू हो गई है। चिकित्सा छात्रों को कोविड को ध्यान में रखते हुए ऑनलाईन कक्षाओं के माध्यम से अध्यापन कराया जा रहा है। इस दौरान चिकित्सा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के संबंध में भी जानकारी दी। 


जिला चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें देने हेतु समाज के विभिन्न वर्गो का भी सहयोग लें, 1 जनवरी से निजी भवनों में नहीं लेगेंगे आंगनबाड़ी केन्द्र

ग्वालियर संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सैना ने दतिया जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय के माध्यम से मरीजों को और बेहतर सुविधायें मिले इसके लिए विभिन्न समाजसेवी, स्वंयसेवी संस्थाओं, व्यापरारिक संगठनों द्वारा जो स्वेच्छा से सहयोग कराना चाहते है और उनकी रूची सेवाभावी है इसके लिए प्रति सप्ताह मरीजों की मदद करने हेतु उन से चर्चा करें।
    संभागायुक्त श्री आशीष सक्सैना ने गुरूवार को उक्त आश्य के विचार न्यू कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक में व्यक्त किए। बैठक में कलेक्टर श्री संजय कुमार, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. एके दीक्षित, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती सीमा शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वासथ्य अधिकारी डॉ. एसएन उदयपुरिया, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. एसएन शाक्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री महेन्द्र सिंह अम्ब सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।

एसएमएस के माध्यम से महिलाओं को मिलेगी सूचना

    संभागायुक्त श्री सक्सैना ने बैठक में स्वास्थ्य एवं बाल और बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि स्वास्थ्य और महिला बाल विकास की संयुक्त जिम्मेदारी है कि गर्भवती महिलाएं एएनसी के दौरान सभी जांच एवं टीकाकरण समय पर हो। इसके लिए प्रत्येक महिला के स्वास्थ्य कार्ड का संधारण भी हो। एनएएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जांच एवं टीकाकरण की भी जानकारी दी जाए। साथ ही एक सॉफ्टवेयर भी विकसित करें कि एसएमएस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के मोबाईल या उनके परिवार के किसी सदस्य के मोबाईल पर उनकी जांच एवं टीकाकरण की सूचना मिल सके। जिससे निर्धारित तिथि पर जांच करा सकें। इसके लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाये। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि हमें स्वास्थ्य सेवाओं को विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार लाना है। इसके लिए उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी प्रातः 10.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक उपस्थित होकर मरीजों का उपचार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय में मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मिले स्वास्थ्य कर्मी समय पर उपस्थित हो और सेवा में सुधार की गुजाईंश को देखते हुए इसकी निगरानी सप्ताह में एक दिन जिला कलेक्टर अपने प्रतिनिधि के रूप में अधिकारियों को जबावदेही सुनिश्चत कर अपने स्तर पर समीक्षा भी करें।

निजी नर्सिगहोमों का आयुष्मान में पंजीयन कराये

    संभागायुक्त श्री सक्सैना ने जिले में स्थित निर्सिगहोम एवं निजी चिकित्सालयों के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य सेवायें मिले इसके लिए पात्रता रखने वाले नर्सिगहोमों को आयुष्मान योजना के तहत् पंजीयन कराये। जिससे आयुष्मान योजना के तहत् मरीजों को लाभ मिल सके।

1 जनवरी से निजी भवनों में नहीं लेगेंगे आंगनबाड़ी केन्द्र

    ग्वालियर संभागायुक्त श्री आशीष सक्सैना ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन की बैठक में समीक्षा करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2021 से कोई भी आंगनबाड़ी केन्द्र निजी भवन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के निवास पर संचालित नहीं होगी। निजी भवनों में किराये पर केन्द्र चलते पाए जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
    बैठक में कलेक्टर श्री संजय कुमार ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि मरीजों को और बेहतर सुविधायें मिले इसके लिए विभिन्न समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारी आदि संगठनों के साथ चर्चा कर कार्यवाही की जायेगी।
 

सरकारी धन के गबन के मुलजिमों को बचाने में 20 साल तक लगी रही मुरैना पुलिस, हाई कोर्ट ने कराई थी एफ आई आर , केस डायरी कोर्ट से चुराकर गायब की , सबूत फाड़ फाड़ कर फेंके , कानूनऔर कोर्ट की ऑंखों में झोंकी धूल

     मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन  मुरैना 15 सितंबर ( ग्वालियर टाइम्स ) लगातार 20 साल तक कोर्ट और कानून की ऑंखों में धूल झोंक कर भारी भरकम रिश्...